राजस्थान की जलपरी किसे कहा जाता है?
[A] नम्रता भट्ट [B] रीमा दत्ता [C] सुरभि मिश्रा [D] तारा भण्डारी Answer: B रीमा दत्ता को राजस्थान की जलपरी कहा जाता है। Explanation:
[A] नम्रता भट्ट [B] रीमा दत्ता [C] सुरभि मिश्रा [D] तारा भण्डारी Answer: B रीमा दत्ता को राजस्थान की जलपरी कहा जाता है। Explanation:
[A] दादू दयाल [B] विजयसिंह पथिक [C] किशनलाल सोनी [D] दामोदर लाल व्यास Answer: C राजस्थान का रेल बाबा किशनलाल सोनी को कहा जाता है। Explanation:
[A] अजमेर [B] कोटा [C] अलवर [D] राजसमन्द Answer: B नेहर खान की मीनार राजस्थान के कोटा जिले में स्थित है। कोटा अपने महलों और उद्यानों के लिए जाना जाता है। कोटा चंबल नदी के किनारे स्थित है। ऑक्सीजोन सिटी पार्क कोटा के विज्ञान नगर क्षेत्र में इंस्ट्रुमेंटेशन लिमिटेड (आईएल) कॉलोनी के पास स्थित है।
[A] जालौर [B] जोधपुर [C] राजसमंद [D] अजमेर Answer: C सांसेरा जलदेवी माताजी का मन्दिर राजसमंद जिले में स्थित है। Explanation: यह भी पढ़े– Rajasthan Sanganak Answer Key 3 March 2024
[A] आयोग के अध्यक्ष प्रद्युमन सिंह थे। [B] अशोक लाहोटी आयोग के सदस्य थे। [C] आयोग का गठन दिसंबर 2020 में संविधान के अनुच्छेद 243 के तहत किया गया था। [D] अंतिम रिपोर्ट सितंबर 2023 में राजस्थान के राज्यपाल को प्रस्तुत की गई। Answer: C राजस्थान के छठे राज्य वित्त आयोग का गठन 12 अप्रैल, … Read more
[A] करणीदान [B] वीरभाण [C] दलपत विजय [D] कवि कल्लोल Answer: C खुमाण रासो के रचयिता दलपत विजय है। Explanation:
[A] संत दरियाव [B] संत मावजी [C] संत सुंदर दास [D] संत रामदास Answer: B निष्कलंक संप्रदाय के संस्थापक संत मावजी थे। Explanation:
[A] चौमूं [B] टोंक [C] प्रतापगढ़ [D] हनुमानगढ़ Answer: A धाराधार गढ़ दुर्ग चौमूं में स्थित है। चौमू के किले को धारधार गढ़ के नाम से भी जाना जाता है। इसका निर्माण कर्ण सिंह ने करवाया था। इस किले के शीर्ष भाग की बनावट कमल के फूल के समान है।
[A] बड़गुर्जर वंश [B] गुहिल वंश [C] चौहान वंश [D] कच्छावा वंश Answer: D शासक पंजनदेव कच्छावा राजवंश से संबंधित थे। पृथ्वीराज रासों में आमेर के राजा पुज्जुन (पंजनदेव) को कुर्म लिखा है। अतः कुर्म व कछवाहा एक ही जाति है। यह भी पढ़े– RPSC Statistical Officer Answer Key 25 February 2024
[A] कोटा [B] धौलपुर [C] अलवर [D] भरतपुर Answer: C मूसी महारानी की छतरी अलवर जिले में स्थित है। यह छतरी 80 खम्भों पर स्थित है। मूसी महारानी की छतरी, अलवर के शासक महाराजा बख्तावर सिंह और उनकी रानी मूसी की याद में विनय सिंह द्वारा 1815 में बनवाई गई थी।